Best Top 10 Moral Stories in Hindi for Kids

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज इस article में आपके बच्चो के लिए Best Moral Stories in Hindi बताएंगे। यह कहानियां आपके बच्चो को ज़िंदगी के बारे में सिख देंगी और उन्हें लोगो और दुनिया के बारे में बताएंगी। इन कहानियो के साथ आप बच्चो को बहुत ही महत्वपूर्ण life lesson आसानी से समझा सकते है।

Top 10 Moral Stories in Hindi

1. सांप और चीटियाँ

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक समय की बात है एक पेड़ पर बिल में एक सांप रहता था। वो मेंढक, बत्तख और पंछियों को खाता था। वो दिन में सोता और रात में शिकार करता था।

कुछ दिन बाद वह सांप बड़ा हो गया और अपने बिल में नहीं घुस पाया तो फिर उसने सोचा की वह अपने रहने के लिए नई जगह ढूंढेगा। अपने नए घर की तलाश करते समय उसे एक बड़े बरगद के पेड़ पर एक बड़ा सा बिल दिखा।

उस पेड़ के नीचे चीटियों की पहाड़ी थी। सांप पेड़ के पास आया और उन चीटियों से बोला कि अबसे उस पेड़ पर वो रहेगा और तुम सब चीटियों को इस जगह से तुरंत जाना होगा।

इसके बाद उस पेड़ के आसपास रहने वाले सभी पक्षी और जानवर डर गए मगर चीटियों को कुछ फरक नहीं पड़ा। क्योकि वह पहाड़ी उन्होंने ने बड़ी मेहनत से बनाई थी। सभी चीटियां एकजुट होकर आगे बढ़ी और उस सांप को चारो तरफ से घेर लिए और उसे काटने लगीं।

सांप को फिर बहुत दर्द हुवा और वह चिल्लाता हुआ वहां से भाग गया। उसके बाद सांप वहां कभी भी वापस नहीं आया। और एक बार फिर से वह सारे पंछी और जानवर ख़ुशी से रहने लगे।

2. शेर और बहादुर चूहा

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक बार की बात है एक जंगल में एक शेर सो रहा था। तभी एक चूहा उसके पास आया और उसने देखा की शेर सो रहा है इसलिए उसे थोड़ा मस्ती करने का मन हुआ। फिर चूहा शेर के ऊपर निचे कूदने लगा और इससे शेर की नींद खुल गयी।

नींद टूटने की वजह से शेर को बहुत गुस्सा आया और उसने चूहे को पकड़ लिया। शेर ने चूहे से कहा की उसकी हिम्मत कि जंगल के राजा को परेशान करे और शेर उस चूहे को खाने ही वाला था कि तभी वह चूहा बोला – हे जंगल के राजा मुझे माफ़ कर दीजिये मुझसे गलती हो गयी, कृपया मुझे छोड़ दीजिये।

इस पर शेर ने बोला की उसे छोड़ने में उसका क्या फायदा ? फिर चूहा बोला कि हे राजा, में आपसे वादा करता हु कि अगर आप मुझे जीवित छोड़ दें तो मैं किसी दिन में आपकी सहायता जरूर करूँगा। इसपर शेर हसने लगा और बोला की तू तो इतना छोटा है और मैं जंगल का राजा, तू मेरी क्या सहायता करेगा। फिर भी उस चूहे की हिम्मत देख के शेर ने उसे जाने दिए और चूहे ने उसे धन्यवाद् कहा।


एक जंगल में कुछ शिकारी आये और उन्होंने ने शेर को जाल में फसा दिया। शेर बहुत कोशिश करने के बावजूद भी उस जाल से बाहर नहीं निकल पाया। जब बहुत कोशिश करने के बाद भी वह बाहर नहीं निकल पाया तो शेर फिर जोर जोर से दहाड़ने लगा।

शेर की दहाड़ सुन के चूहा वहा पहुंच गया और शेर की ऐसी हालत देख कर उसे दुःख हुआ और फिर उसने अपने तेज दातों से जाल को काट दिया और शेर को जाल से आज़ाद किया। इसके बाद शेर ने चूहे से उसका मजाक उड़ाने के लिए माफ़ी मांगी और साथ ही में बहुत शुक्रिया भी कहा। और फिर वह दोनों जंगल की तरफ भाग गये।

3. लोमड़ी और सारस

Moral Stories in Hindi:

Moral Stories in Hindi: एक दिन की बात है, एक लालची लोमड़ी ने रात के खाने पर एक सारस को आमंत्रित किया। वह सारस निमंत्रण से बहुत खुश था – वह समय पर लोमड़ी के घर पहुंच गया और उसने अपनी लंबी चोंच के साथ दरवाजे को खटखटाया। लोमड़ी ने उसका स्वागत किया और उसे खाने की मेज पर ले गई। फिर लोमड़ी ने उन दोनों के लिए सपाट से कटोरे में कुछ सूप परोसा। कटोरा सारस के लिए बहुत उथला था और बहुत कोशिश करने पर भी उसके मुँह में सूप नहीं आया।

लेकिन, दूसरी तरफ लोमड़ी ने अपने हिस्से का सूप जल्दी से चाट कर ख़तम कर दिया। यह देख कर सारस बहुत दुखी हुआ, वह नाराज और परेशान था। लेकिन उसने लोमड़ी के घर पर गुस्सा नहीं दिखाया और लोमड़ी के साथ बड़ी विनम्रता से व्यवहार किया और फिर अलविदा कहा।

कुछ दिनों बाद लोमड़ी को सबक सिखाने के लिए सारस ने उसे फिर रात के खाने पर आमंत्रित किया। लोमड़ी भी सारस का निमंत्रण देख पर बहुत खुश हुई और रात को खुशी से सारस के घर पहुंच गई। सारस ने भी उसका स्वागत किया और टेबल पर खाने के लिए सूप भी परोसा, लेकिन इस बार सूप को दो लंबी और पतले बर्तनों में परोसा गया।

इस बार सारस ने उसके पतले बर्तन से अपनी चोंच की मदद से सूप निकाल कर पिया, लेकिन लोमड़ी अपनी मोटी गर्दन की वजह से उस बर्तन में से थोड़ा सूप भी नहीं चख पाई। इस बात से लोमड़ी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने फिर सारस से माफ़ी भी मांगी।

4. घमंडी गुलाब

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक समय की बात है, एक बगीचे में एक सुंदर गुलाब का पौधा रहता था। पौधे पर एक गुलाब का फूल अपनी सुंदरता पर गर्व करता रहता था। लेकिन उसे इस बात से बहुत दुःख होता था कि बगल में एक बदसुरत कैक्टस भी बढ़ रहा था।

हर दिन गुलाब अपने सुन्दरता को लेकर उस कैक्टस का अपमान करता था और हमेशा कैक्टस चुप ही रहता था। उस बगीचे के अन्य सभी पौधों ने गुलाब को कैक्टस को बुरा बोलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी को सुनने के लिए गुलाब ने माना कर दिया क्योकि उसे अपनी सुंदरता का बहुत ज्यादा गुमान था।

एक गर्मियों में के समय में बगीचे में जो एक कुआं था वह सूख गया और पौधों के लिए बिल्कुल भी पानी नहीं था। और गुलाब भी धीरे-धीरे सूखने लगा। गुलाब ने देखा कि कुछ पानी के लिए एक पक्षी अपनी चोंच को कैक्टस पौधे में डुबोती है।

गुलाब को इस बार कैक्टस का मजाक बनाने के लिए काफी शर्म महसूस हुई। और गुलाब को भी अब पानी की बहुत जरूरत थी तो उसने कैक्टस से पूछने के बारे में सोचा कि क्या यह कुछ पानी हो इंतेज़ाम हो सकता है।

फिर कैक्टस ने भी उसकी बात मन ली और वे दोनों फिर बहुत अच्छे दोस्त बन गए। इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि हमें किसी के रूप के आधार पर आंकना नहीं चाहिए।

5. एकता में ताकत

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक बार की बात है, एक गाँव में तीन पड़ोसी रहते थे जों अपनी फसलों को लेकर बहुत परेशान थे। उन सभी पड़ोसियों के पास एक-एक खेत था लेकिन उन सभी के खेतों की फसल कीटों से पीड़ित थी और धीरे धीरे ख़राब हो रही थी।

हर दिन वे लोगअपनी फसलों बचाने के लिए नए नए विचार सोचते थे पर कुछ भी काम नहीं करता था। एक बार फिर से पहले वाले ने अपने क्षेत्र में एक बिजूका का उपयोग करने की कोशिश की, दूसरे ने कीटनाशकों का इस्तेमाल किया, और तीसरे ने अपने खेत पर बाड़ बनाया, जिसका इन सब चीजों का कोई फायदा नहीं हुआ।

एक दिन गांव के प्रधान ने आकर तीनों किसानों को बुलाया। उसने तीनो को एक-एक प्रत्येक छड़ी दी और उन्हें उसे तोड़ने के लिए कहा। किसानो ने उन्हें आसानी से तोड़ दिया। फिर प्रधान ने उन्हें तीन-चार छड़ियों का एक बंडल दिया और फिर उन्हें सभी को इसे तोड़ने के लिए कहा। इस बार, तीनों किसानों ने लाठी के बंडल को तोड़ने के लिए संघर्ष किया लेकिन कोई भी उसे तोड़ नहीं पाया।

फिर गांव के प्रधान ने कहा कि “एकता में बहुत बल होता हैं इसलिए कोई काम अकेले करने की बजाए हमें साथ में मिल कर करना चाहिए।” किसान समझ गए कि गांव का प्रधान क्या कहना चाह रहा है। फिर वे सब मिल कर अपने संसाधनों में जुट गए और अपने खेतों के कीटों से छुटकारा पा लिया। इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि एकता में बहुत ताकत होती है।

6. लोमड़ी और अंगूर

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक दिन गर्मियों के समय में एक लोमड़ी कुछ खाना ढूढ़ने के लिए जंगल में भटक रही थी। वह भोजन की तलाश में बहुत भूखी और हताश थी। उसने हर जगह भोजन की खोज करी लेकिन उसे खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला जिसे वह खा सके।

उसका पेट में भूख की वजह से बहुत दर्द हो रहा था और इसी कारण उसकी तलाश जारी थी। ढूढ़ते ढूढ़ते वह एक बगीचे में पहुँच गयी जहा पर रसदार अंगूरों की बेल लदी थी। लोमड़ी ने अंगूर देखने के बाद चारों ओर देखा कि क्या वह शिकारियों से सुरक्षित है या नहीं। कोई भी आसपास नहीं था, इसलिए उसने कुछ अंगूरों को चुराने का फैसला किया।

उसने काफी ऊंची-ऊंची छलांग लगाई, लेकिन बहुत प्रयत्न करने के बाद भी वह अंगूरों तक नहीं पहुंच पाया। अंगूर बहुत अधिक थे इसलिए लोमड़ी ने हार नहीं मानी। लोमड़ी अपने मुंह में अंगूर को पकड़ने के लिए हवा में ऊंची कूदती, लेकिन वह हर बार चूक जाती है। उसने बार बार फिर कोशिश की लेकिन फिर चूक गयी।

उसने कुछ और बार कोशिश की, लेकिन पहुँच नहीं सकी फिर अंधेरा भी हो रहा था और लोमड़ी को बहोत गुस्सा भी आ रहा था। इतना उछलने के बाद उसके पावं में चोट लग गयी और फिर उसने हार मन ली। और जाते जाते उसने कहा कि यह अंगूर ही खट्टे है और उसे खट्टे अंगूर पसंद नहीं।

इस कहानी से हमने सीखा कि जब हम किसी काम में सफल नहीं हो पाते तो हमें उस काम से नफरत का नाटक नहीं करना चाहिए।

7. लालची शेर

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Moral Stories in Hindi: एक गर्मियों के दिन में जंगल में एक शेर को भूख लगने लगी। वह अपने भोजन के लिए शिकार को ढूंढ रहा था कि जब उसने अपने पास अकेले घूमने वाले एक खरगोश को देखा।

लेकिन शेर ने उसे पकड़ने के बजाय उसे जाने दिया और कहा कि “इस तरह का का छोटा जानवर मेरी भूख को संतुष्ट नहीं कर सकता है”, उसने कहा और झल्लाया। फिर कुछ देर बाद एक सुंदर हिरण वहां से गुजरा और शेर ने सोचा अगर इसे मार दिया तो उसकी भूख आराम से ख़तम हो जाएगी।

फिर उसने हिरन के पीछे दौड़ना शुरू और काफी देर तक उसका पीछा करने के बाद भी उसे नहीं पकड़ सका क्योकि वह भूख से कमजोर हो चूका था और हिरन जैसे फुर्तीले जानवर को इस हालत में पकड़ना बहुत मुश्किल था। और हुआ भी ऐसा है हिरन बड़ी आसानी से शेर से बच कर भाग गया। थक-हार कर शेर उस समय अपना पेट भरने के लिए शिकार की तलाश में वापस चला गया लेकिन उसे अब कुछ भी नहीं मिला।

तब शेर को दुख हुआ की उसे लालच नहीं करना चाहिए था और खरगोश में ही संतुष्ट करना चाहिए था। अपनी इस गलती के कारण उसे कई दिनों तक भूखा रहना पड़ा। इस कहानी से हमें सिख मिलती है कि हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए।

8. सच्चा दोस्त

Moral Stories in Hindi: एक दिन दो बहुत अच्छे दोस्त एक जंगल में से एकांत और खतरनाक रास्ते पर चल रहे थे। जैसे-जैसे सूरज ढलने लगा, वे डरते-डरते आगे बढ़ने लगे और हर समय एक-दूसरे के साथ ही रहे।

अचानक उन्हें अपने रास्ते में एक भालू दिखाई दिया। लड़कों में से एक लड़का पास के पेड़ के पास गया और एक झटके में चढ़ गया। लेकिन दूसरे लड़के को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था, इसलिए वह मरे होने का नाटक करते हुए जमीन पर लेट गया। भालू ने जमीन पर लड़के को देखा और उसके सिर के चारों ओर सूँघने लगा।

उस लड़के के कान में कुछ फुसफुसाने के बाद, भालू अब अपने रास्ते पर वापस चला गया। पेड़ पर चढ़े लड़का अब निचे उतर गया और उसने अपने दोस्त से पूछा कि भालू ने उसके कान में क्या फुसफुसाया था।

फिर उस लड़के ने जवाब दिया कि भालू ने यह कहा “उन दोस्तों पर कभी भरोसा मत करो जो आपकी परवाह नहीं करते हैं।” इस कहानी से हमें सिख मिलती है कि जो मुसीबत के समय में काम आये वही सच्चा दोस्त होता है।

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9. ईमानदार लकड़हारा

Moral Stories in Hindi: एक समय की बात है, एक लकड़हारा था जो जंगल में कड़ी मेहनत करके लकड़ियां काटता रहता था। और उन लकड़ियों को बेच कर वह अपने खाने के लिए पैसे जमा करता था। एक वह जंगल में पेड़ से लकड़ी काट रहा था लेकिन अचानक से उसके हाथ से कुल्हाड़ी फिसल के नदी में गिर गयी।

वह बहुत नदी गहरी थी और साथ ही साथ काफी तेजी से भी बह रही थी। उसने अपनी कुल्हाड़ी खो दी और इसे फिर से उसे ढूंढ नहीं पाया। फिर लकड़हारा नदी के किनारे बैठ गया और रोने लगा क्योकि उसके पास एक ही कुल्हाड़ी थी।

उसे रोता हुवे देखकर नदी के देवता उसके सामने प्रकट हुवे और उससे पूछा कि क्या हुआ। लकड़हारे ने नदी के देवता को सारी कहानी सुनाई। नदी के भगवान ने अपनी कुल्हाड़ी की तलाश में उसकी मदद करने की बात कही। इसके बाद नदी के देवता नदी में गायब हो गये और उन्होंने नदी से एक सुनहरा कुल्हाड़ी निकाल लिया और लकड़हारे से पूछा की क्या यह कुल्हाड़ी उसकी है या नहीं।

लेकिन लकड़हारे ने कहा कि यह सोने की कुल्हाड़ी उसकी नहीं था। वह फिर से गायब हो गये और इस बार एक चांदी की कुल्हाड़ी के साथ वापस आये, लेकिन लकड़हारे ने कहा कि यह कुल्हाड़ी भी उसकी नहीं था। नदी के भगवान फिर से पानी में गायब हो गए और एक लोहे की कुल्हाड़ी के साथ वापस आए – लकड़हारे ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह कुल्हाड़ी ही उसकी है।

नदी के भगवान लकड़हारे की ईमानदारी से बहुत प्रभावित हुए और उसे सोने और चांदी दोनों कुल्हाड़ियों को लकड़हारे को उपहार में दे दिया। इस कहानी से हमें सिख मिलती है कि ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है।

10. चतुर बीरबल

Moral Stories in Hindi: एक दिन राजा अकबर ने अपने दरबार में एक प्रश्न पूछा, जिसने सभी को कठघरे में खड़ा कर दिया। जैसा ही उन सभी ने राजा अकबर जवाब जानने की कोशिश की, उसी समय बीरबल अंदर चले आए और पूछा कि मामला क्या है। इसके बाद राजा अकबर ने सवाल दोहराया।
सवाल था कि “शहर में कुल कितने कौवे हैं?”

बीरबल तुरंत मुस्कुराए और अकबर के पास गए। बीरबल ने इस प्रश्न के उत्तर बताया, उन्होंने कहा कि शहर में इक्कीस 21,534 कौवे थे। जब उनसे राजा ने पूछा कि उन्हें जवाब कैसे पता है, तो बीरबल ने जवाब दिया, “अपने लोगों से कौवे की संख्या गिनने के लिए कहें। यदि कौवे जी संख्या ज्यादा निकलती हैं तो कौवे के कुछ रिश्तेदार हमारे पास वाले राज्य से यहाँ आये होंगे।

और अगर संख्या कम निकले तो मतलब हमारे शहर के कौवे अपने रिश्तेदारों से मिलने जरूर जाते हैं जो शहर से बाहर रहते हैं।” इस जवाब से अकबर बहुत प्रसन्न हुवे और बीरबल को माणिक और मोती की चेन भेंट की। इस कहानी से यह सिख मिली कि किसी प्रश्न के उत्तर से ज्यादा महत्वपूर्ण उस उत्तर का स्पष्टीकरण(explanation) होता है।

11. मूर्ख गधा

Moral Stories in Hindi: एक समय की बात है, एक नमक बेचने वाला हर दिन अपने गधे पर नमक के थैले को लादकर कर बाजार जाता था। रास्ते में उन्हें एक नदी पार करनी होती थी। एक दिन गधा अचानक से नदी में गिर गया और नमक की थैले भी पानी में गिर गए।

सारा नमक पानी में घुल गया और इसलिए बैग ले जाने के लिए बहुत हल्का हो गया जिससे गधा खुश था। फिर गधे ने हर दिन एक ही चाल चलना शुरू कर दी। नमक बेचने वाले को गधे की यह चाल समझ में आ गई और उसने गधे को सबक सिखाने का फैसला किया।

अगले दिन उसने गधे के ऊपर एक कपास की थैली लाद दी। गधे ने सोचा कि आज उसके मालिक ने पहले से ही हल्का भार रखा है और अगर वह नदी में गिर जाता है तो यह भार ओर भी ज्यादा हल्का हो जायेगा।

लेकिन ऐसा नहीं हुवा क्योकि भीगा हुए कपास बहुत ज्यादा भारी होता है इसीलिए गधे की हालत ख़राब हो गयी। गधे को इससे सबक मिल गया और उस दिन के बाद से उसने कभी पानी में गिरने की गलती नहीं की और उसका मालिक भी खुश हो गया। इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किस्मत हमेशा साथ नहीं देती है।

12. लालच बुरी बला है

Moral Stories in Hindi: एक दिन चार ब्राह्मण जंगल में चल रहे थे। कुछ दूर चलने के बाद उन्हें एक आश्रम नजर आया। उस आश्रम में योगी भैरवनंदा रहते थे। चारो ब्राह्मण उस आश्रम की और गए। फिर योगी जी बाहर निकल कर बोले कोन हो आप लोग और यहाँ आने के पीछे आपका क्या मकसद है। उनमे से एक ब्राह्मण बोला गुरूजी हमने आपकी अनोखी शक्तियों के बारे में बहुत सुना है, हम आप से मिलकर बहुत धन्य हुवे।

और फिर एक ब्राह्मण ने योगी जी से पूछा की क्या आप हमें चमत्कार दिखाएंगे। फिर योगी जी ने सोचा की यह ब्राह्मण अच्छे लगते है उसे उनकी सहायता जरूर करनी चाहिए। इसके बाद योगी जी आश्रम में गए और चार बेलचे लेकर आये। यह बेलचे उन्होंने ब्राह्मणो को दिए और कहा की इन्हे अपने साथ ले जाओ। फिर योगी जी बोले कि गांव के पास एक छोटा सा तालाब है जिसके समीप एक अंजीर का वृक्ष है, उस वृक्ष के नीचे लाल मिटटी है तुम लोग जाओ और उस मिट्टी को खोद कर अपना भाग्य आजमाओ।

ब्राह्मण वो बेलचे लेके उस स्थान पर आ पहुंचे। जमीन को खोदते समय पहले ब्राह्मण को ताम्बे की चट्टान मिली। इसके बाद पहला ब्राह्मण बोला की चलो ताम्बे की चट्टान को आपस में बाँट लें। फिर चौथा ब्राह्मण बोलै की नहीं नहीं जब तक सोना न मिले खोदते रहो या फिर तुम चाहो तो वापस जा सकते हो। पहला ब्राह्मण संतुष्ट था इसलिए वह चला गया। इसी प्रकार दूसरे और तीसरे ब्राह्मण को भी चांदी और सोना मिला और उन्होंने चौथे ब्राह्मण के साथ आपस में बाँटने के लिए कहा।

लेकिन चौथा ब्राह्मण लालची था उसने कहा की जब तक उसे हीरे नहीं मिल जाते वह नहीं आएगा तुम चाहो तो जा सकते हो। इसके बाद वो दोनों ब्राह्मण भी चले गए और चौथा ब्राह्मण कई दिनों तक खोदता रहा पर उसे वह कुछ भी नहीं मिला और वह फिर खाली हाथ निराश होकर लौट गया। इस कहानी से हमें सिख मिलती है कि हमें लालच नहीं करना चाहिए जो है उसी में संतुष्ट रहना चाहिए।

13. सोने का ढेर

Moral Stories in Hindi: एक बार एक वीर नाम का किसान था। वह दूसरे लोगो के खेत में हल जोतने का काम करके अपनी रोजी रोटी कमाता था। एक दिन वह एक खेत में गया और उसे काम शुरू ही किया था कि तब उसे जमीन में कुछ पीला और चमकीला दिखा।

फिर उसने वहां मिट्टी को हटाया तो उसे एक बड़ा सा सोने का ढेर दिखा। इतना बड़ा सोने का ढेर देख के वीर आश्चर्यचकित रह गया और अपने आप को भाग्यशाली समझने लगा।

वीर अपने साथ इस सोने को ले जाना चाहता था लेकिन दिन का समय था और इसी कारण ऐसे खुलेआम इतने कीमती सोने को ले जाना उसे सही नहीं लगा। फिर वीर ने वहां रात को आने का सोचा और सोने के ढेर को वही छुपा दिए।

बाद में रात को उसी जगह पर वीर वापस आया और खेत को खोदने लगा। और फिर उसने सोने के ढेर को रस्सी से बांध दिया ताकि वह उसे खिंच सकें। लेकिन वह सोने का ढेर बहुत ही ज्यादा भारी था इसलिए वीर ने उसे चार समान हिस्सों में काटने का निर्णय लिया। ताकि वह सोने को आसानी और सुरक्षित रूप से अपने घर ले जा सके।

अपनी कुलहाड़ी की सहायता से उसने सोने को चार हिस्सों में काट दिया। और अंत में वह सारा सोना अपने घर ले गया। सोने से वीर अब अमीर बन गया और उसने बहुत सारी संपत्ति भी प्राप्त करी।

14. लालची आदमी

Moral Stories in Hindi: एक बार की बात है, एक छोटे शहर में एक लालची आदमी रहता था। वह काफी अमीर था और वह सोने और सभी चीजों को बहुत पसंद करता था। लेकिन वह अपनी बेटी को किसी भी चीज से ज्यादा प्यार करते था।

एक दिन उसे एक परी की मदद करने का मौका मिला। उस परी के बाल कुछ पेड़ों की शाखाओं में फंस गए। उसने परी की मदद की लेकिन जैसे की वह बहुत ज्यादा लालची था तो उसने महसूस किया कि यह अच्छा मौका है परी की मदद करने बदले में और भी ज्यादा अमीर बनने का।

परी ने उसकी एक इच्छा पूरी करने का वादा किया। उस आदमी ने कहा कि, “मैं जो जिस चीज को छुऊंगा वह सोने में बदल जाये।” परी ने उसकी यह इच्छा पुरी होने का वरदान दिया।

इसके बाद लालची व्यक्ति अपनी पत्नी और बेटी को यह वरदान के बारे में बताने के लिए घर से भाग गया। जाते समय उसने सभी पत्थर और कंकड़ को छूआ और उन्हें सोने में बदलते हुए देखा। एक बार जब वह घर गया तो उसकी बेटी उसे बधाई देने के लिए दौड़ी।

जैसे ही उसने अपनी बेटी को अपनी बाहों में फँसाने के लिए नीचे झुका, वह एक सोने की मूर्ति में बदल गयी। वह चौंक गया और रोने लगा और अपनी बेटी को वापस लाने की कोशिश कर रहा था। उसे अपनी मूर्खता का एहसास हुआ और उसने अपनी बाकी की रातें परी की तलाश में उसके वरदान को दूर करने में बिता दी। इस कहानी से हमें सिख मिलती है कि हमें लालच कभी नहीं करना चाहिए।

15. समझदार आदमी

Moral Stories in Hindi:

Moral Stories in Hindi: एक बार की बात है एक बहुत बुद्धिमान आदमी थे जिसके पास लोग बार बार एक जैसी समस्याओं के बारे में शिकायत करने आते रहते थे। एक दिन बुद्धिमान आदमी ने उन्हें एक चुटकुला सुनाया और सभी लोग हंसी में झूम उठे।

कुछ मिनटों के बाद, उन्होंने लोगों को वही चुटकुला दोबारा सुनाया और उनमें से कुछ ही मुस्कुराए।
लेकिन जब उन्होंने तीसरी बार वही चुटकुला सुनाया तो कोई भी नहीं हंसा।

बुद्धिमान व्यक्ति हल्का मुस्कुराया और बोला:
“आप एक ही मजाक पर बार-बार हंस नहीं सकते। तो आप हमेशा एक ही समस्या के बारे में क्यों रो रहे हैं? “

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि चिंता करने से आपकी समस्याएं हल नहीं होती है, यह सिर्फ आपका समय और ऊर्जा बर्बाद करेगा।

16. सोने का अंडा

Moral Stories in Hindi: एक बार की बात है एक किसान के पास एक हंस था जो हर दिन एक सुनहरा अंडा देती थी। अंडे ने किसान और उसकी पत्नी को उनकी दैनिक जरूरतों का समर्थन करने के लिए अच्छा पैसा प्रदान किया। किसान और उसकी पत्नी लंबे समय तक बहुत खुश रहे।

लेकिन एक दिन किसान ने सोचा, “हमें एक दिन में सिर्फ एक अंडा क्यों लेना चाहिए? हम उन सभी को एक साथ क्यों नहीं ले सकते है और बहुत पैसा कमा सकते हैं? ” किसान ने अपनी पत्नी को अपना विचार बताया और वह भी इस मूर्खता से सहमत हो गयी।

फिर अगले दिन जब हंस ने अपना सुनहरा अंडा दिया, तो किसान ने उसे तेज चाकू से काट दिया। उसने हंस को मार डाला और उसके सारे सुनहरे अंडे खोजने की उम्मीद में उसका पेट काट दिया। लेकिन जैसे ही उन्होंने पेट खोला उन्हें केवल एक चीज जो उन्हें मिली वह था मांस और खून।

किसान को अपनी मूर्खतापूर्ण गलती का एहसास हुआ और वह अपनी इस मूर्खता पर रोने लगा। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, किसान और उसकी पत्नी और गरीब और गरीब होते गए। किसान ने खुद कितना झकझोरा और कहा कि वे कितने मूर्ख थे।

17. कछुआ और चिड़िया

Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi: एक समय की बात है, एक कछुआ एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था, जिस पर एक पक्षी ने अपना घोंसला भी बनाया हुआ था। कछुआ पक्षी से ताना मारकर बोला, “तुम्हारे पास कितना ख़राब और जर्जर घर है! उसने कहा तुम्हारा घर टूटी हुई टहनियों से बना है, इसमें कोई छत नहीं है, और कच्चा दिखता है। और ऊपर से तुम्हे इसे खुद ही बनाना पढ़ा इससे बुरा क्या हो सकता है। कछुआ बोलै कि मुझे लगता है कि मेरा घर, जो कि मेरा खोल है, आपके इस घोंसले से बहुत ही ज्यादा बेहतर है ”।

इस पर पक्षी बोला कि “हाँ, यह टूटी हुई छड़ियों से बना है, जर्जर दिखता है और प्रकृति के तत्वों के लिए खुला है। और यह कच्चा भी है लेकिन मैंने इसे खुद बनाया है और इसलिए मुझे यह पसंद है।

फिर कछुआ ने कहा “मुझे लगता है कि यह किसी भी अन्य घोंसले की तरह है, लेकिन मेरी तुलना में बेहतर नहीं है” और आपको मेरे खोल से ईर्ष्या होनी चाहिए।

“इसके विपरीत”, पक्षी ने कहा – “मेरे घर में मेरे दोस्तों और परिवार के लिए जगह है; आपका खोल आपके अलावा किसी को अंदर नहीं कर सकता। शायद आपके पास एक बेहतर house हो। लेकिन मेरे पास एक बेहतर home है”, पक्षी ने खुशी से कहा।

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